• आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ संस्कार और संस्कृति का संगम- के एम किड्स स्कूल जहां मिलता है विद्यार्थियों को अन्य विद्यालयों के विद्यार्थियों से अलग स्टेण्ड • विद्यार्थी को अपनी संस्कृति से लगाव सिखाना-विद्यालय की प्राथमिकता • स्कूल में छात्र-छात्रा अनुपात लगभग बराबर • बालिकाओं के लिए सुरक्षित माहौल एवं संस्कार युक्त शिक्षा • प्रोफेशनल अप्रोच एवं संस्कारों की शिक्षा का समावेश है प्रिंसिपल नीता जैन ने हमें जानकारी देते हुए बताया कि स्कूल का उद्देश्य प्रत्येक विद्यार्थी का सम्पूर्ण व्यक्तित्व विकास करना है। जब कोई अभिभावक अपने बच्चों का एडमिशन करवाने का विचार करता है तो उसके मन में कुछ सवाल होते है। ये सवाल प्रत्येक अभिभावक के मन में होते है जैसे स्कूल का एकेडमिक कैसा है, स्कूल का समय क्या है, स्कूल परिसर में सुरक्षा के क्या इंतजाम है, स्कूल में अध्यापक कैसे है, स्कूल बस में सुरक्षा के क्या इंतजाम है, स्कूल परिसर में साफ सफाई की केसी व्यवस्था है, स्कूल परिसर प्रदूषण मुक्त है। या नहीं।
है, स्कूल परिसर में साफ सफाई की केसी व्यवस्था है, स्कूल एकेडमिक स्ट्रैन्थ एकेडमिक में हमारी यूनिक स्ट्रैन्थ है LR (Learning Resource) यह प्रत्येक विषय के प्रत्येक विषय के प्रत्येक अध्याय की वर्कशीट्स होती है जो टैक्स्ट बुक्स के अलावा एक्स्ट्रा स्टडी मेटीरियल है। इसमें विशेषतः बच्चे की हाई ऑडर थिंकिंग HOT पर फोकस किया जाता है। दूसरा BLD (Blended Learning Design) एक ऐसी हैण्डबुक है जो टीचर को गाइड करती है कि अगले दिन का लैसन प्लान कैसे किया जाए और उस लैसन को बच्चों को समझाने के लिए किसी प्रकार की ऑडियों वीडियो एक्टिविटीज करवाई जावे।
सर्दी-गर्मियों में एक ही पारी के.एस.किड्स स्कूल अलवर जिले का एकमात्र सीबीएसई पैटर्न स्कूल है जो एक पारी में संचालित होता है जिसका गर्मियों में समय सुबह 8 बजे से दोपहर 1.20 बजे तक और सर्दियों में सुबह 9 बजे से 2.20 बजे तक है। एक पारी में संचालित होने की वजह से बचचों व अभिभावकों दोनों को सुविधा रहती है। बच्चों को यह सुविधा है कि छोटा भाई-बहन अपने बड़े भाई -बहन के सथ एक ही बस में आ जाते है। और अभिभावकों को यह सुविधा है कि उन्हें दो बार बच्चों को बस स्टापें छोड़ने और लेने नहीं जाना पड़ता। समय का सदुपयोग जब बच्चा सुबह बस में बैठता है तो स्कूल पहुंचने तक लगने वाले समय का भी सदुपयोग स्कूल द्वारा सुनिश्चित किया गया है। प्रत्येक बस में स्कूल स्टॉफ द्वारा बच्चों को बस में एक्टिविटीज के माध्यम से जनरल नॉलेज से सम्बंधित विषयों की जानकारी प्रदान की जाती है।
पर्यावरण एवं स्वास्थ्य एक सबसे जरूरी बिंदु जो बच्चों के स्वास्थ्य से जुड़ा हुआ है कि स्कूल में साफ-सफाई की क्या व्यवस्था है और स्कूल में किसी प्रकार की प्रदूषण तो नहीं है। तो इसके बारे में हमारा यह कहना है कि यह स्कूल क्षेत्रफल और हरियाली की दृष्टि से अलवर जिले का सबसे बड़ा स्कूल परिसर है। परिसर में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाता है। सम्पूर्ण स्कूल सौर-ऊर्जा से संचालित होता है। बच्चों की सम्पूर्ण सुरक्षा बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी विद्यालय बहुत गंभीर है। स्कूल परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगे हुए है और वर्दीधारी गार्ड हमेशा सुरक्षा में तैनात रहते है।
छात्रों को दे रहे है स्वतंत्र सोच स्कूल में छात्रों को प्रेरक माहौल में लर्निंग का अनुभव प्राप्त होता है जिसे छात्र ना केवल पढाई में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते है बल्कि अनरू गतिविधियों में सफलता प्राप्त करते है शिक्षा के क्षेत्र में सुयोग्य एवं प्रयोगात्मक विधि के साथ बदल रही शैक्षणिक जरूरतों को अभिनव शिक्षण पद्धति से पूरा करते हुए सफलता के आयाम छू रहा है। स्कूल का लक्ष्य अपने छात्रों में खुली विचारधारा एवं स्वतंत्र सोच का संचार करना है। हर बच्चे में आद्वितीय प्रतिभा कौशल और क्षमताएं होती है स्कूल उनकी प्रतिभा को सामने लाने के लिए काम कर रहा है। शिक्षक एवं छात्र का इंटरेक्शन अनुभवी शिक्षकों के सानिध्य में शिक्षा पर अधिक समय दिया जाता है कक्षा में विद्यार्थियों की कम संख्या होने के कारण अध्यापक एवं निजी संरक्षक के रूप में व्यक्ति गत ध्यान देने में सक्षम्र होते है। व्यक्तित्व विकास के तहत स्कूल का उद्देश्य खेल और सह पाठयक्रम गतिविधियों की एक विस्तृत श्रृंखला के माध्यम से प्रत्येक बच्चे में निहित प्रतिभा को बाहर लाने के लिए प्रयास करना है बच्चे को उसकी हॉबी के अनुसार प्रतिभा को विकसित किया जाता है। एक्सट्रा नॉलेज बच्चों को एक्स्ट्रा करिकुलर एक्टिविटीज में हिस्सा लेने के लिये प्रेरित किया जाता है जैसे सामाजिक रिश्ते बनाना निभाना, समय प्रबंधक टीम स्पिरिट एकजुटता आदि सिखाया जाता है एवं उनके स्वभाव शैक्षणिक स्तर, आदि से अभिभावकों को अवगत कराया जाता है सबसे महत्वपूर्ण है कि इनमें हिस्सा लेकर बच्चा अपनी क्षमताओं स्किल्स का विकास कर पता है स्कूल में बच्चों को कैरियर के बारे में विस्तार से समझाया जाता है दसवीं के बाद ग्यारहवीं में विषय चयन एवं उनसे सम्बन्धित फील्ड में कैरियर की सम्भावनाओं के बारे में जानकारी दी जाती है। विज्ञापन